पाषाण की मूर्ति पानी में तेराई जाती है ,

आज मध्यप्रदेश के देवास जिले के हाटपिपलिया में भगवान नरसिंहजी की साढ़े 7 किलो वजन की पाषाण की मूर्ति पानी में तेराई जाती है , यह मूर्ति प्राचीन है और हर साल इस मूर्ति को पानी में तेराया जाता है और विशेषता यह है कि पानी कै बहाव के विपरीत बहती है ।एक कहावत है कि जितनी बार तेरे कि उतना साल अच्छा रहेगा एक बार तेरी 4 महीना दो बार तेरे की 8 महीना 3 बार तेरी की तो पूरे 12 महीना सुख और शांति से निकलेंगे ऐसी मान्यता है भारत देश ईश्वर की आस्था में विश्वास रखता है इसलिए ऐसे चमत्कार यहां देखने को मिलते हैं । जय हो भगवान नरसिंहजी की 


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